बाराबंकी में ड्रग माफिया पर बड़ी चोट: 6 करोड़ की अवैध संपत्ति कुर्क, 25 साल का नेटवर्क ध्वस्त

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बाराबंकी में कुख्यात ड्रग माफिया मिस्बाहुर्रहमान उर्फ अज्जन पर बड़ी कार्रवाई, NDPS एक्ट के तहत 6 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क। 25 वर्षों से सक्रिय नेटवर्क का खुलासा, कई गंभीर मुकदमे दर्ज।

 

 

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 02 मई 2026

बाराबंकी जनपद में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और प्रशासन ने कुख्यात ड्रग माफिया मिस्बाहुर्रहमान उर्फ अज्जन की करोड़ों की अवैध संपत्ति को कुर्क कर दिया है। यह कार्रवाई NDPS Act-1985 की धारा 68F(2) के तहत सीजिंग/फ्रीजिंग अथॉरिटी (न्यायनिर्णायक प्राधिकारी, नई दिल्ली) के आदेश पर की गई।

प्रशासन के अनुसार, आरोपी द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित लगभग 6 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अचल संपत्ति को जब्त किया गया है।

पत्नी के नाम पर बनाई गई थी संपत्ति, लंबे समय से चल रहा था अवैध कारोबार

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने मादक पदार्थों की तस्करी से कमाई गई रकम से अपनी पत्नी नगमी खातून के नाम पर नवाबगंज नगर परिषद क्षेत्र में स्थित गाटा संख्या 198 (क्षेत्रफल 558.70 वर्गमीटर) पर आवासीय संपत्ति खड़ी की थी।

जांच में सामने आया है कि आरोपी बीते 25 वर्षों से संगठित गिरोह के साथ नशे के कारोबार में सक्रिय था और इससे आर्थिक व भौतिक लाभ अर्जित कर रहा था।

ड्रग नेटवर्क से युवा पीढ़ी को खतरा, प्रशासन सख्त

पुलिस का कहना है कि आरोपी का नेटवर्क न केवल अवैध कमाई का जरिया था, बल्कि इससे समाज खासकर युवाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा था। नशे की लत फैलाकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा था, जिससे आम जनता में भय और असुरक्षा का माहौल था।

इसी को देखते हुए प्रशासन ने कठोर रुख अपनाते हुए संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की।

हिस्ट्रीशीटर और गैंग लीडर, दर्जनों मुकदमे दर्ज

मिस्बाहुर्रहमान उर्फ अज्जन एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर (हिस्ट्रीशीट नं. 56 बी) है, जिसके खिलाफ बाराबंकी और लखनऊ समेत विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

  • NDPS एक्ट के कई मामले
  • गैंगस्टर एक्ट
  • हत्या, हत्या का प्रयास
  • मारपीट और आर्म्स एक्ट के गंभीर आरोप

उसे अंतरजनपदीय गैंग (IR-09) में भी सूचीबद्ध किया गया है और गैंग नंबर-32 का सरगना बताया गया है।

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी, फिलहाल जेल में बंद

पुलिस के अनुसार, आरोपी को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और वर्तमान में वह जिला कारागार बाराबंकी में निरुद्ध है।

इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा पिट-एनडीपीएस एक्ट 1988 के तहत उसके खिलाफ निरुद्धीकरण (Detention) की कार्रवाई भी की गई थी।

प्रशासन का संदेश—नशे के कारोबारियों पर जारी रहेगा शिकंजा

जिला प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर कुर्क करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी, ताकि अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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