“साहब, घर में शादी है…” गुहार सुनते ही भड़के SDM! गैस दिलाने की गुहार लेकर आए युवक को भिजवाया जेल

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बाराबंकी में भतीजी की शादी के लिए LPG गैस सिलेंडर मांगने पहुंचे युवक को SDM से शिकायत करना भारी पड़ गया। आरोप है कि नाराज SDM ने युवक को पुलिस हिरासत में भिजवा दिया। शादी वाले घर में गैस न मिलने पर लकड़ियों पर खाना बनाना पड़ा। मामले ने अफसरशाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

 

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 13 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक शादी वाले घर की मजबूरी और प्रशासनिक तंत्र की कथित तानाशाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि भतीजी की शादी के लिए गैस सिलेंडर लेने पहुंचे युवक को जब एजेंसी से राहत नहीं मिली तो उसने एसडीएम से गुहार लगाई, लेकिन मदद मिलने के बजाय उसे पुलिस हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफसरशाही के रवैये को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

रामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़नपुर निवासी शिवमोहन ने बताया कि उसकी भतीजी अनीता की शादी 13 मई 2026 को तय थी। अनीता के पिता का कुछ समय पहले निधन हो चुका है, जिसके बाद शादी की पूरी जिम्मेदारी परिवार के ऊपर आ गई थी। शादी की तैयारियों के बीच परिवार ने चार से पांच गैस कनेक्शनों से सिलेंडर बुक कराए थे।

DAC नंबर आने के बाद भी नहीं मिला सिलेंडर

पीड़ित शिवमोहन के अनुसार, गैस बुकिंग का डीएसी नंबर कई दिन पहले जारी हो चुका था, लेकिन बरुआ नरेंद्रपुर स्थित श्री लोधेश्वर इंडेन गैस एजेंसी से सिलेंडर नहीं दिया जा रहा था। आरोप है कि मंगलवार को जब वह एजेंसी पहुंचा तो कार्यालय बंद मिला और फोन पर भी सिलेंडर देने से इनकार कर दिया गया।

लगातार चक्कर काटने और शादी की तारीख नजदीक आने से परेशान शिवमोहन अन्य उपभोक्ताओं के साथ तहसील मुख्यालय पहुंचा और एसडीएम से शिकायत की।

शिकायत सुनते ही भड़क गए SDM, पुलिस बुलाकर थाने भेजने का आरोप

पीड़ित का आरोप है कि शिकायत सुनते ही एसडीएम नाराज हो गए। शिवमोहन के मुताबिक, अफसर ने पुलिस बुलाकर उसे हिरासत में लेने के निर्देश दे दिए। आरोप है कि पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई और करीब दो घंटे तक बैठाए रखा।

घटना के दौरान मौजूद अन्य उपभोक्ता भी कथित कार्रवाई देखकर डर गए और तहसील परिसर से चले गए।

घर पहुंची गिरफ्तारी की खबर तो मच गया कोहराम

शिवमोहन की गिरफ्तारी की सूचना जैसे ही घर पहुंची, शादी वाले घर में अफरा-तफरी मच गई। परिवार की महिलाओं और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गैस सिलेंडर न मिलने के कारण शादी के भोजन की व्यवस्था लकड़ियों पर करनी पड़ी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी आम लोगों की समस्याएं सुनने के बजाय उन्हें डराने और दबाने में लगे हैं।

मामला बढ़ने पर प्रशासन ने शुरू की लीपापोती

घटना की चर्चा पूरे इलाके में फैलने के बाद तहसील प्रशासन हरकत में आया। प्रशासनिक टीम गैस एजेंसी पहुंची और स्टॉक व वितरण व्यवस्था की जांच की। जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद एजेंसी संचालक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए।

इसके बाद बुधवार को शिवमोहन को दूसरी एजेंसी से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। हालांकि तब तक शादी वाले परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ चुका था।

SDM ने दी सफाई, कहा- “शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोका गया था”

उपजिलाधिकारी आनंद तिवारी (Anand Tiwari) ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ लोग तहसील परिसर में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर अराजकता फैला रहे थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें कुछ देर थाने पर रोककर समझाया गया और बाद में छोड़ दिया गया।

वहीं खाद्य पूर्ति निरीक्षक अनुज कुमार सिंह (Anuj Kumar Singh) ने बताया कि गैस एजेंसी की जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।

पहले भी विवादों में रही है SDM आनंद तिवारी की कार्यशैली

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब उपजिलाधिकारी Anand Tiwari की कार्यशैली सवालों के घेरे में आई हो। इससे पूर्व बाराबंकी की नवाबगंज तहसील में तैनाती के दौरान भी कई मामलों में उन पर कार्रवाई में लापरवाही और चयनात्मक रवैये के आरोप लग चुके हैं।

सरकारी बंजर जमीन पर अवैध कब्जे के आरोपों में भी उठे थे सवाल

तहसील क्षेत्र के ग्राम तीरगांव में करीब 50 से 55 बीघा बंजर सरकारी जमीन पर कथित रूप से रसूखदारों द्वारा कब्जा करने की नीयत से अवैध बोरिंग कराए जाने का मामला सामने आया था। स्थानीय लोगों का आरोप था कि लगातार दो दिनों तक एसडीएम के सीयूजी नंबर पर शिकायत की गई और व्हाट्सएप पर वीडियो भेजे गए, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों का कहना था कि जब तक प्रशासन हरकत में आया तब तक बोरिंग का काम पूरा हो चुका था। बाद में खानापूर्ति करते हुए कानूनगो को मौके पर भेजकर काम रुकवाने की औपचारिकता तो निभाई गई, लेकिन सरकारी जमीन पर हुई अवैध बोरिंग हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

अवैध निर्माण पर नोटिस के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

इसके अलावा शहर के सिविल लाइन इलाके में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बनाई गई एक हीरो एजेंसी की कथित अवैध बिल्डिंग को लेकर भी एसडीएम आनंद तिवारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। मामले में नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्धारित समय सीमा बीतने के महीनों बाद तक अवैध निर्माण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

इस प्रकरण को लेकर भी स्थानीय स्तर पर दबी जुबान में “सेटिंग-गेटिंग” और प्रभावशाली लोगों को संरक्षण दिए जाने जैसी चर्चाएं होती रही थीं। लोगों का यहां तक कहना है कि एसडीएम आनंद तिवारी का प्रॉपर्टी डीलरो से खासा दोस्ताना व्यवहार रहता है जबकि आम जनता उन्हें फूटी आंख पसंद नहीं आती।

अब गैस सिलेंडर को लेकर सामने आए ताजा विवाद के बाद एक बार फिर एसडीएम आनंद तिवारी की प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

सवालों के घेरे में अफसरशाही, लोगों में नाराजगी

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और अधिकारियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में लोग चर्चा कर रहे हैं कि यदि एक शादी वाले परिवार की गुहार सुनने के बजाय उसे थाने पहुंचा दिया जाएगा, तो आम आदमी न्याय के लिए आखिर कहां जाएगा।

फिलहाल मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट – समाचार पल्स भारत 

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